अफवाहों को फैलने से रोके

भारत में कोरोनावायरस लगातार बढ़ रहा है और सरकार रोकने के कड़े इंतजाम कभी कर रही है भीड़ को कम करने की कोशिशें की जा रही हैं कल भारत बंद है लेकिन इसी बीच अफवाहों का जोर शोर है और अफवाह फैल रही है क्योंकि यह लाइलाज और डरावनी बीमारी है लोग इस बीमारी से डरे हुए हैं और अफवाहें भी जोरों शोरों से उड़ रही हैं कोई कुछ अफवाह उड़ा रहा है कोई कुछ व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी पर अफवाहों का ज्ञान बांटा जा रहा है और इस बीमारी से बचने के लिए नए से नए बेहूदा तरीके बताया जा रहे हैं लोग इसे डर के मारे अपना भी रहे हैं और दूसरे लोगों को इस अफवाह को फारवर्ड भी कर रहे हैं हमें इन अफवाहों से बचना होगाकल रात की अफवाह ने सारे लोगों को परेशान कर दिया रात 12:00 बजे के बाद व्हाट्सएप पर मैसेज किए गए की सुबह सूरज निकलने से पहले काली चाय यानी बिना दूध वाली चाय में नमक डालकर सूरज निकलने से पहले पी जाए तो कोरोना वायरस का खतरा हमेशा हमेशा के लिए दूर हो जाएगा जैसे ही यह मैसेज व्हाट्सएप में आया लोगों ने यह काम करना शुरू कर दिया और फिर दूसरे लोगों को यह वायरल मैसेज भेजना अभी शुरु कर दिया चाय बनने लगी लोग अपने घर वाले परिवार वालों को मैसेज करने लगे फोन करके बताने लगे कि सूरज निकलने से पहले काली चाय पी लीजिए तो कोरोना वायरस का खतरा बहुत कम हो जाएगा इस मैसेज को पढ़कर लोग ऐसा करने लगेलोगों के पास फोन कॉल से आने लगे कि कहीं से यह फरमान आया है कि काली चाय में नमक डालकर अगर सूरज निकलने से पहले पी ली जाए तो कोरोनावायरस कभी भी नहीं हो सकताहमारे एक पाठक का मैसेज आया है और हम उस मैसेज को आपके साथ साझा करना चाहेंगे उन्होंने बताया कि मेरी किराने की दुकान है और लोग मेरी दुकान का सटर 4:00 बजे से बजाने लगे मैं नींद में था मैंने सोचा पता नहीं क्या बात है फिर थोड़ा सा जागा और मैंने उनसे पूछा कि भाई क्या बात है उसने ने मुझे बताया कि गांव से कॉल आया है आप हमें चाय पत्ती दे दो और थोड़ा सा नमक दे दो हम नमक और चाय पत्ती लेने आए हैं और हम इसकी चाय बना कर पिएंगे और आप भी दीजिए क्योंकि सूरज निकलने से पहले अगर हम यह काम करते हैं तो कोरोना वायरस का खतरा बहुत ही कम हो जाएगा और यह कभी भी नहीं होगा दुकानदार की समझ में नहीं आया यह क्या माजरा है वायरल मैसेज इतना फैल गया कि वह सकता है काली चाय पीने से कोई इंसान ही बचा हो जिस क्षेत्र में यह अफवाह फैलाई जा रही हैं इनसे हमें जागरूक होने की जरूरत है और इनसे बचने की जरूरत हैभाव के चलते हुए चिकन कारोबार भारत में पूरी तरीके से ठप हो गया व्यापारियों को मुर्गा फेंकने पड़े जिंदा दफनाने पड़े या फिर निचले स्तर के दामों में फ्री के तौर पर बेचने पड़े लेकिन जिन लोगों ने सर्वे किया उन्होंने बताया कि चिकन और मांसाहारी में कोरोना भारत का कोई भी लेना देना नहीं है यह सिर्फ अफवाह है और इस अफवाह के चलते हुए प चिकन व्यापार में बहुत बड़ा घाटा हुआ है लोगों को इससे बहुत नुकसान हुआ हैआपसे निवेदन है कि यह काली चाय ,गौमूत्र गोबर लेप और आदि तमाम तरीके के बेबुनियाद अफवाहों से जितना चाहे उतना बचें और सावधानी बरतें और हमारे इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें