अपने गांव लौटा हवलदार तो देखते ही भागने लगे लोग

शहरों में तो लॉक डाउन का पालन दिख रहा है लेकिन गांव में बिल्कुल भी नहीं। गांव में लोग आज भी झुंड बनाकर बैठे दिखाई दे रहे हैं शहरों में लॉक डाउन का पालन हो रहा है और शहर के लोग कोरोनावायरस पर जागरूक भी हैं और सावधानियां बरत रहे हैं मास्क का उपयोग भी कर रहे हैं और सैनिटाइजर का भी इस्तेमाल कर रहे हैं समय-समय पर अपडेट ले रहे हैं और हर तरीके से सावधान रहना चाहते हैं। लेकिन गांव में ऐसा नहीं है अब गेहूं की कटाई शुरू हो चुकी है और हर खेत पर बराबर बराबर में किसान बैठा हुआ गेहूं काट रहा है । शहरों में लोग घर पर नहीं निकल रहे हैं लेकिन गांव में आज भी चौपालों पर जमावड़ा देखने को मिल रहा है और वे तब तक टिके रहते हैं जब तक पुलिस की गाड़ी ना दिखाई दे पुलिस की गाड़ी या पुलीकार्इ पुलिसकर्मी के आने पर यह सब लोग अपने अपने घरों में भाग जाते हैं और पुलिस के जाते हैं यह सब लोग फिर वहीं आ जाते हैं यह पुलिस वालों को बेवकूफ समझ रहे हैं लेकिन इनको यह पता नहीं यह बीमारी कितनी खतरनाक है अगर कोई गांव में बाहर से व्यक्ति आया है और उसे कोरोनावायरस है तो समझ जाइए कि जितने लोग उसके आसपास बैठते होंगे वे सभी कोरोनावायरस की चपेट में आ सकते हैं।

गांव में खाली जगहों पर चौपालों पर आज भी लोग इकट्ठे हो रहे हैं पुलिस की गाड़ी देखते ही सब लोग अपने घरों में भाग जाते हैं और ऐसा ही तब हुआ जब सब लोग बैठे हुए थे और एक उसी गांव का हवलदार काला चश्मा लगाकर गांव में अपने घर को लौटा। सभी लोग जमावड़ा लगाए हुए बैठे हुए थे चौपाल पर सब लोग इकट्ठे हुए थे लूडो खेल रहे थे और कुछ और इधर-उधर की बातें कर रहे थे जैसे ही हवलदार ने गांव में प्रवेश किया हवलदार को देखते हुए सभी लोग चीखने लगे कि पुलिस आ गई पुलिस आ गई सभी लोग अपने-अपने घरों में घुस गए मानो ऐसा लग रहा था कि कोई सिंघम आ गया हो घर में घुसने के बाद हवलदार साहब निकल गए उसके बाद कुछ लोगों ने बताया कि वे गांव के ही से वे अपने पड़ोसी थे फिर सभी लोग हंसने लगे और से जमावड़ा लग जाए लेकिन हमारी नजर में यह सभी लोग बेवकूफ हैं जो पुलिस को चकमा दे रहे हैं पुलिस को बेवकूफ नहीं बना रहे हैं बल्कि अपने आप को बेवकूफ बना रहे हैं अपने आप को मौत की दावत दे रहे हैं अपने परिवार को मौत की दावत दे रहे हैं अपने परिवार और आसपास के लोगों को मुसीबत में धकेलने का काम कर रहे हैं।

गांव में गेहूं की कटाई शुरू हो चुकी है लेकिन सोशल डिस्टेंस नहीं देखने को मिल रहा है सभी लोग एक साथ गेहूं काटने जा रहे हैं एक साथ गेहूं काटने को बैठ रहे हैं और शाम को गेहूं काटने के बाद वापस घर को एक साथ आ रहे हैं गांव में सोशल डिस्टेंस नहीं है क्योंकि इस बीमारी से गांव के लोग जागरूक नहीं हैं हमने गांव के लोगों के लिए अपनी इस वेबसाइट पर कई पोस्ट लिखे हैं और कई पोस्ट सरकार तक पहुंची है ऑफ एक्शन लिया गया है अब एक ही आवश्यकता है इस सरकार गांव गांव में कोरोनावायरस जागरूकता अभियान शुरू करें वहां के लोगों को समझाएं कि यह एक खतरनाक बीमारी है और यह एक दूसरे से सुनें संपर्क होने से हो जाती है। सरकार को गांव में समझाने की जरूरत है और जागरूकता बरतने की जरूरत है सावधानियां बरतने की जरूरत है सैनिटाइजर की व्यवस्था की जाए मास्क की व्यवस्था की जाए जो कि गांव में मेडिकल स्टोर पर ना तो सैनिटाइजर है नहीं मास्क हैं । सरकार को यह व्यवस्था करने की जरूरत है और जो लोग बाहर से अपने घर लौटे हैं उनकी जानकारी जुटाए और उनकी जांच करें।